पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई देगा जिसमें चंद्रमा लाल भूरा रंग लेगा जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। केन्द्र की एक विज्ञप्ति के अनुसार इस घटना को ब्लू मून और सुपर मून का भी नाम दिया गया है।

हैदराबाद के बीएम बिड़ला विज्ञान केन्द्र के निदेशक बी.जी सिद्धार्थ ने इस अद्भुत घटना को विस्तृत रूप से बताते हुए सिद्धार्थ ने कहा कि चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा के बीच में आ जाती है और पृथ्वी की छाया चांद पर पडती है।

सिद्धार्थ ने कहा कि यदि तीनों लगभग एक ही रेखा पर आते है तो पूर्ण चंद्रग्रहण है। यहां तक कि पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य की कुछ किरणें पृथ्वी के वायुमंडल के माध्यम से अपवर्तित होती है और चन्द्रमा हल्की भूरी लाल चमक ले लेता है और यही 31 जनवरी को घटित होगा। कुछ लोग इसे ‘‘ब्लड मून’ भी कहते है।

केन्द्र की विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूर्ण चंद्रग्रहण को भारत के हरेक हिस्से में देखा जा सकता है। चंद्रग्रहण शाम पांच बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और मुख्य चन्द्र ग्रहण सूर्यास्त के बाद लगभग छह बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा।

विज्ञप्ति में बताया गया है कि एक घंटे के बाद लगभग शाम सात बजकर 25 मिनट पर ग्रहण फीका पडने लगेगा और ग्रहण का मुख्य भाग समाप्त हो जा एगा।

courtesy – haribhoomi